Dosti Ghazal Hai Gungunane Ke Liye

दोस्ती ग़जल है गुनगुनाने के लिए,
दोस्ती नगमा है सुनाने के लिए,
ये वह जज़्बा है जो सबको मिलता नही,
क्योंकी दिल चाहिए इसे निभाने के लिए…

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