Har Koi Kisi Ki Majburi Nahi Samjhta

हर कोई किसी की मजबूरी नही समझता,
दिल से दिल की दुरी नही समझता,
कोई तो किसी के बिना मर मर के जीता है,
और कोई किसी को याद करना भी जरूरी नही समझता…

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.