Karke Dosti Tumse Mehsus Ye Hua

मुकद्दर में लिखी कोई बात हो तुम,
तक़दीर की एक खूबसूरत सौगात हो तुम,
करके दोस्ती तुमसे महसूस ये हुआ,
जैसे सदियों से यूँही मेरे साथ हो तुम…

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