Kya Khoob Dost Mile Hai

Kya Khoob Dost Mile Hai

मुझसे दोस्त नहीं बदले जाते,
चाहे लाख दुरी होने पर,
लोगों के भगवान बदल जाते है,
एक मुराद न पूरी होने पर..!
मैंने कहा खुदा से,
क्या खूब दोस्त मिले है..
क्या खूब मैंने, किस्मत पाई है,
खुदा ने कहा हँसकर,
“संभाल कर रख पगले,
ये मेरी पसंद है जो तेरे हिस्से में आयी है…!!