Vakt Jarur Badalta Hai

रात नही ख्वाब बदलता है,
मंजिल नही कारवा बदलता है,
जजबा रखो जितने का क्योंकी,
किस्मत बदले ना बदले,
पर वक्त जरूर बदलता है…

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